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Showing posts from January, 2023

पुरुष

पुरुष का श्रृंगार तो स्वयं प्रकृति ने किया है।। अधिकतर स्त्रियाँ काँच का टुकड़ा हैं  जो मेकअप की रौशनी पड़ने पर ही चमकती हैं।। किन्तु पुरुष हीरा है जो अँधेरे में भी चमकता है  और उसे मेकअप की कोई आवश्यकता नहीं होती।।  खूबसूरत मोर होता है मोरनी नहीं।। मोर रंग - बिरंगा और हरे - नीले रंग से सुशोभित  जबकि मोरनी काली सफ़ेद।। मोर के पंख होते हैं इसीलिए उन्हें मोरपंख कहते हैं।। मोरनी के पंख नहीं होते।। दांत हाथी के होते हैं।।हथिनी के नहीं।। हांथी के दांत बेशकीमती होते हैं।। नर हाथी मादा हाथी के मुकाबले बहुत खूबसूरत होता है।। कस्तूरी नर हिरन में पायी जाती है।। मादा हिरन में नहीं।। नर हिरन मादा हिरन के मुकाबले बहुत सुन्दर होता है।। मणि नाग के पास होती है,नागिन के पास नहीं।। नागिन ऐसे नागों की दीवानी होती है जिनके पास  मणि होती है।। रत्न महासागर में पाये जाते हैं नदियो में नहीं।। और अंत में नदियों को उसी महासागर में गिरना  पड़ता है।। संसार के बेशकीमती तत्व इस प्रकृति ने पुरुषों को सौंपे।। प्रकृति ने पुरुष के साथ अन्याय नहीं किया।। 9 महीने स्त्री के गर्भ में रहने के बावजूद...

चित्रपट बनविण्यापूर्वी - ओळख सोळा मूलभूत घटकांची

'चित्रपट बनविण्यापूर्वी - ओळख सोळा मूलभूत घटकांची' या शीर्षकाचे पुस्तक मी लिहायला घेतले आहे.  तसा मी या क्षेत्रातला तज्ञ वगैरे नाहीये, आहे साधा विद्यार्थीच, गेली पाच वर्षे मी चित्रपट विषयक अभ्यास करतोय. पण ‘जे जे आपणासी ठावे। ते ते इतरांसी सांगावे।’ या उक्तीनुसार मला जे जे सापडले-समजले ते माझ्या ब्लॉगवर मराठीतून आतापर्यंत मांडत आलो आहे. ब्लॉगची लिंक - https://filmstudybymiteshtake.movie.blog/ या ब्लॉगच्या निमित्ताने फिल्ममेकिंच्या अनेक विद्यार्थ्यांबरोबर संवाद होतात, चर्चा होतात यातून असे लक्षात आले की सिनेमा खूप जणांना शिकायचा आहे पण बहुतांश जणांची एकच अडचण आहे ती म्हणजे सिनेमा शिकण्यासंदर्भात शैक्षणिक साहित्य मराठीत पुरेसे उपलब्ध नाही. या कामात आपला खारीचा वाटा उचलावा म्हणून मी ठरवले की गेल्या पाच वर्षात आपल्याला जे समजले-उमजले ते पुस्तकरूपाने मांडावे. सिनेमाची भाषा, सिनेमाचे व्याकरण यावर आपल्या वकुबानुसार लिहावे ! माझ्या समजेनुसार, सिनेमाचे स्टोरी टेलिंग सोळा मूलभूत घटकांच्या द्वारे केले जाते. खरे तर स्टोरी टेलिंग (कथाकथन) या ऐवजी स्टोरी प्रेझेंटेशन (कथा सादरीकरण) हा शब्द मल...